Phase 1: ग़ुस्सा, टूटन, इल्ज़ाम यहाँ प्रेम अभी मरा नहीं है, इसलिए दर्द शोर करता है।वक़्त का पहला सच—जब धोखा…

जब से इक नज़र उन्हें बेहिसाब देखा हैनींद तो आई नहीं, बस ख़्वाब देखा है रहता है जो उनकी ज़ब्त…

ख्वाब आंखों में लेकरचलता रहा हर राह परऔऱ वो ख्वाब में आ, मेरी राह मंजिल कर गया। सोचा करता था…

कैसे चंद लफ्ज़ों में सारा प्यार लिखूँ शब्द नए चुनकर गीत वही हर बार लिखूँ,उन दो आँखों में अपना सारा…

वो तेरा, छोटी छोटी बातो पर रूठना,वो तेरा, चेहरे पर हाथ लगाकर मुस्कुराना,वो तेरा, बात बात पर मुझे हाथ मारना,बस…

ख्वाब तो कई है, कुछ बिखरे, कुछ टूटे, कुछ नए, कुछ पुराने, पर वोह ख्वाब ही क्या, जिसके साथ वफादारी…